परिवार के खत्म होने पर रोया मसूद अजहर !
दुनिया का खूंखार आतंकी और भारत के सबसे वांछित दुश्मनों में से एक, मसूद अजहर… जब उसके परिवार पर कहर टूटा, तो वह भी इंसान बन गया… आंसू बहाए, और यहां तक कह दिया – ‘काश मैं भी मर जाता!’
जी हां, ये कहानी है उस ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की, जिसने आतंकवाद के चहरे को झकझोर कर रख दिया है।इस हाई-प्रोफाइल सीक्रेट मिशन को भारतीय खुफिया एजेंसियों और सहयोगी देशों की मदद से अंजाम दिया गया। ऑपरेशन का मकसद था – मसूद अजहर के परिवार के उन सदस्यों को खत्म करना, जो पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय होकर आतंकी नेटवर्क चला रहे थे।
ऑपरेशन सिंदूर की प्रमुख बातें:
गुप्त निगरानी और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई
मसूद अजहर के दो बेहद करीबी रिश्तेदारों की मौत
ISI और जैश-ए-मोहम्मद में हड़कंप
ऑपरेशन को मिली अंतरराष्ट्रीय समर्थन और भारत की सराहना
स ऑपरेशन के बाद जब मसूद अजहर को अपने परिवार के खात्मे की खबर मिली, तो वह टूट गया। ISI अफसरों के सामने फूट-फूटकर रोने लगा। उसने कहा –
‘वो मेरे अपने थे… मैं भी उनके साथ मर जाता तो बेहतर होता।’
जिस आतंकी ने सैकड़ों मासूमों की जान ली, वो आज खुद अपनी भावनाओं से हार गया।ये सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था…
ये संदेश था उस हर दुश्मन के लिए – जो भारत की तरफ आंख उठाएगा, उसका अंजाम क्या होगा।मसूद अजहर की आंखों से निकले आंसुओं ने साबित कर दिया –
जब न्याय का हथियार चलता है, तो आतंक के सरगना भी कांपने लगते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर ये दिखा दिया – भारत अब सिर्फ सुनता नहीं… अब वो सुनाता है!
