मुरीद, रफीकी, नूर खान जैसे एयरबेस पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक जैसे हमले
नई दिल्ली।
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच भारतीय सेना ने चौथे दिन भी सटीक और योजनाबद्ध जवाबी हमले किए हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को चुन-चुनकर निशाना बनाया। इनमें ड्रोन लॉन्चिंग बेस, कमांड सेंटर, रडार साइट्स और हथियार डिपो शामिल हैं।
10 मई को लगातार चौथे दिन विदेश सचिव विक्रम मिसरी, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये हमले पाकिस्तान द्वारा भारत के सैन्य और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने के जवाब में किए गए।
किन-किन ठिकानों पर हुआ भारतीय हमला?
मुरीद एयरबेस (चकवाल, पंजाब प्रांत):
यह पाकिस्तान का प्रमुख ड्रोन ऑपरेशन सेंटर है, जहां से भारत पर कई ड्रोन हमले किए जा रहे थे। यहां पाकिस्तानी वायुसेना की ड्रोन विशेषज्ञ स्क्वाड्रन तैनात हैं। भारत ने इस बेस को टारगेट कर बड़ा संदेश दिया।
रफीकी एयरबेस (शोरकोट, झंग जिला):
इस बेस पर चीन से खरीदे गए JF-17 और मिराज फाइटर जेट्स, साथ ही यूटिलिटी हेलीकॉप्टर मौजूद थे। भारत के हमले ने इस बेस की रणनीतिक क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया।
नूर खान एयरबेस (चकलाला, रावलपिंडी):
यह एयरबेस पाकिस्तानी सेना मुख्यालय के नजदीक स्थित है और अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। यहां वीआईपी ट्रांसपोर्टर और कमांड फैसिलिटी मौजूद हैं।
अन्य टारगेटेड लोकेशंस:
भारत ने सुकोर, चुनिया, सियालकोट जैसे क्षेत्रों में स्थित पाकिस्तानी रक्षा ठिकानों और रडार इंस्टालेशन को भी निशाना बनाया।
भारत की कार्रवाई क्यों थी जरूरी?
भारत की जवाबी कार्रवाई उस समय हुई जब पाकिस्तान ने उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर, भुज और बठिंडा जैसे एयरबेस के अलावा श्रीनगर, अवंतिपोर और उधमपुर के अस्पतालों व स्कूल परिसरों को ड्रोन व मिसाइल से निशाना बनाया।
पाकिस्तान की इन कायराना हरकतों में नागरिकों को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा उसने नागरिक विमानों का दुरुपयोग करते हुए हमले की आड़ में छिपने की कोशिश की। इसके बावजूद भारतीय सेना ने संयम और सटीकता के साथ केवल सैन्य ठिकानों पर हमला कर अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया।
