ट्रंप की एंट्री से बदली कहानी, इस्राइल-ईरान में शांति की पहल सफल
वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बड़ा बयान देते हुए इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा की। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देश खुद उनके पास आए और शांति की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि अब समय आ गया है। पश्चिम एशिया और दुनिया ही इस फैसले की असली विजेता हैं।”
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। उन्होंने लिखा, “इस्राइल और ईरान ने लगभग एक साथ मुझसे संपर्क किया। उन्होंने शांति मांगी। अब दोनों देशों को प्रेम, समृद्धि और भविष्य में अपार संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। लेकिन यदि वे सत्य और धर्म से भटके तो बहुत कुछ खो सकते हैं।”
12 दिवसीय युद्ध और 1967 का सन्दर्भ
ट्रंप ने मौजूदा संघर्ष को ’12 दिवसीय युद्ध’ बताया, जो 1967 के ‘छह दिवसीय युद्ध’ की याद दिलाता है। उस युद्ध में इस्राइल ने मिस्र, जॉर्डन और सीरिया जैसे कई अरब देशों से लड़ाई की थी और कई इलाकों पर कब्जा कर लिया था। यह युद्ध आज भी अरब दुनिया के लिए संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा बना हुआ है।
तेहरान पर इस्राइली हमले और ईरानी चेतावनी
संघर्ष के अंतिम घंटों में इस्राइल ने ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई क्षेत्रों पर हवाई हमले किए। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी थी कि अगर इस्राइल सुबह 4 बजे तक हमले रोकता है, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा। 4:16 बजे उन्होंने सोशल मीडिया पर शांति का संकेत देने वाला बयान साझा किया।
कतर ने एयरस्पेस फिर खोला
ईरान के अल उदीद एयर बेस पर हमले के बाद बंद किए गए कतर के हवाई क्षेत्र को अब फिर से खोल दिया गया है। फ्लाइट-ट्रैकिंग डाटा के अनुसार, मंगलवार सुबह कतर के ऊपर से वाणिज्यिक उड़ानें गुजरती दिखीं। यह संकेत देता है कि खतरा अब काफी हद तक टल चुका है।
