कर्नाटक के महादेवपुरा सीट पर 1 लाख से ज्यादा फर्जी वोट का आरोप, चुनाव आयोग ने मांगा सबूत; बीजेपी का पलटवार — “कानूनी आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई?”
लखनऊ, 8 अगस्त 2025 | National News Now
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक बार फिर चुनाव आयोग (ECI) और बीजेपी पर ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ चुनावी धांधली नहीं बल्कि संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है।
राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा — “वोट चोरी सिर्फ एक चुनावी घोटाला नहीं, यह लोकतंत्र के साथ विश्वासघात है। देश के गुनहगार सुन लें — वक्त बदलेगा, सजा जरूर मिलेगी।“
कर्नाटक में फर्जी वोट का आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक के बंगलूरू मध्य लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा विधानसभा सीट पर बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने के लिए 1,00,250 फर्जी वोट जोड़े गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और बीजेपी की मिलीभगत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार सत्ता मिली — और यह अंतर सिर्फ 25 सीटों का था।

सबूत नष्ट करने का आरोप
राहुल ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग सीसीटीवी और वेबकास्टिंग फुटेज सिर्फ 45 दिन तक सुरक्षित रखता है, जबकि इसी अवधि में चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। उनके मुताबिक, यह नियम सबूत मिटाने की कोशिश है।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी को शपथपत्र देकर अपने आरोपों के सबूत पेश करने को कहा है। इसी तरह महाराष्ट्र में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर कांग्रेस नेता से प्रमाण मांगे गए हैं।

बीजेपी का पलटवार
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा — “कांग्रेस ने कानूनी तरीके से कोई आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई? उन्होंने कोई चुनाव याचिका क्यों दायर नहीं की?“
जोशी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी सिर्फ चुनावी नतीजों के आधार पर चुनाव आयोग को निशाना बना रही है।
क्या मामला कानूनी मोड़ लेगा?
राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या राहुल गांधी अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करेंगे या यह मामला सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी तक ही सीमित रहेगा।
