Delhi Blast Investigation: पुलिस को मोबाइल से मिले साजिश के पुख्ता सबूत
दिल्ली ब्लास्ट: दिल्ली में हुए ब्लास्ट की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने घटना में शामिल आरोपियों की डिजिटल गतिविधियों की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी है। इसी क्रम में गिरफ्तार किए गए संदिग्धों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कई महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं, जो मामले की दिशा को और साफ कर सकते हैं।जांच टीमों ने आरोपियों के फोन से कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मैसेजिंग ऐप्स की चैट हिस्ट्री और सोशल मीडिया गतिविधियों को रिकवर किया है।
इन डिजिटल ट्रेस से यह समझने में मदद मिल रही है कि आरोपियों का किससे संपर्क था और पिछले कुछ हफ्तों में किस तरह की बातचीत हुई।

फोन में कुछ ऐसी डिजिटल सामग्री भी मिली है जिसे जांच टीमें “संदिग्ध” मानते हुए खंगाल रही हैं।
इसमें—
- कुछ उकसाने वाले वीडियो
- भड़काऊ भाषणों से जुड़ी क्लिपिंग
- संदिग्ध PDF या दस्तावेज़
शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस सामग्री का उद्देश्य क्या था और आरोपियों पर इसका कितना प्रभाव पड़ा।
सोशल मीडिया पैटर्न की जाँच : एजेंसियाँ यह भी देख रही हैं कि आरोपियों ने पिछले महीनों में –
किन अकाउंट्स को फॉलो किया
कौन-सी पोस्ट लाइक या शेयर की
और किन पेजों पर सक्रिय थे
यह विश्लेषण उनके मनोवैज्ञानिक और वैचारिक प्रभावों को समझने में मदद कर सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक जांच अभी शुरुआती चरण में है और फोन से और भी डेटा रिकवर किया जा रहा है।जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि ब्लास्ट की योजना कैसे बनी और इसमें और कौन शामिल हो सकता है।डिजिटल सबूत इस मामले की सबसे मजबूत कड़ी बनते जा रहे हैं।
जांच एजेंसियाँ इस बात पर जोर दे रही हैं कि हर संभव डिजिटल डॉक्यूमेंट, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
