प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा और अभिनेता सोनू सूद से जुड़ी संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई की है।ED ने जांच के तहत करोड़ों रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है,यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की गई है।
ED की कार्रवाई किस मामले में?
सूत्रों के अनुसार, यह मामला ➡️ संदिग्ध निवेश ➡️ कथित वित्तीय लेन-देन ➡️ कुछ कंपनियों और ट्रस्ट से जुड़े फंड मूवमेंट से संबंधित है।ED का कहना है कि यह कार्रवाई जांच का हिस्सा है और अभी मामले में पूरी प्रक्रिया जारी है।
किन-किन पर कार्रवाई?
युवराज सिंह
भारत के पूर्व ऑलराउंडर
कई ब्रांड और कंपनियों से जुड़े रहे
ED उनकी कुछ संपत्तियों और लेन-देन की जांच कर रही है
🏏 रॉबिन उथप्पा
पूर्व भारतीय क्रिकेटर
बिज़नेस इन्वेस्टमेंट्स को लेकर जांच के दायरे में
🎬 सोनू सूद
बॉलीवुड अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता
पहले भी टैक्स मामलों में पूछताछ हो चुकी है
ED ने उनसे जुड़े कुछ खातों और संपत्तियों को जब्त किया है
ED का स्पष्ट कहना है: यह कार्रवाई किसी को दोषी ठहराने का निष्कर्ष नहीं है, बल्कि जांच की प्रक्रिया का हिस्सा है।
कितनी संपत्ति जब्त?
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ED ने कई करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को जब्त किया है, जिनमें शामिल हैं—
बैंक खाते
अचल संपत्तियां
निवेश और शेयर
कुछ दस्तावेज़ और डिजिटल रिकॉर्ड
हालांकि, सटीक आंकड़े जांच पूरी होने के बाद ही सार्वजनिक किए जाएंगे।
कानून क्या कहता है?
PMLA के तहत—
ED को संदिग्ध संपत्तियां जब्त करने का अधिकार है
संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाता है
अंतिम फैसला न्यायालय करता है
यानि, जब्ती दोष सिद्ध होना नहीं।
1. इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं
2.फैंस और समर्थक इसे जांच का सामान्य हिस्सा बता रहे हैं
3.वहीं विपक्षी दल ED के दुरुपयोग का आरोप लगा सकते हैं
ED की यह कार्रवाईएक बार फिर सेलिब्रिटीज़ और बड़े नामों पर कानून की निगरानी को दर्शाती है।