वेनेजुएला के बाद किस पर गिरेगी अमेरिका की नजर—ट्रंप ने दिए संकेत
वेनेजुएला पर सख्त रुख, खुली धमकियां और दबाव की राजनीति के बाद अब एक बड़ा सवाल पूरी दुनिया पूछ रही है वेनेजुएला के बाद अमेरिका का अगला निशाना कौन? और इस सवाल को और गंभीर बना दिया है पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने।
ट्रंप के शब्दों में भले नाम सीधे न लिए गए हों, लेकिन उनके संकेतों ने तीन जगहों की ओर दुनिया का ध्यान खींच दिया है ग्रीनलैंड, क्यूबा और कोलंबिया।

पहला नाम: ग्रीनलैंड
ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप, जिस पर ट्रंप पहले भी नज़रें गड़ा चुके हैं याद कीजिए, ट्रंप अपने कार्यकाल में ग्रीनलैंड को “खरीदने” तक की बात कर चुके थे..क्यों? क्योंकि ग्रीनलैंड सिर्फ बर्फ नहीं है—
- सामरिक लोकेशन
- आर्कटिक रीजन पर कंट्रोल
- दुर्लभ खनिज और संसाधन
ट्रंप का मानना रहा है कि जो आर्कटिक को कंट्रोल करेगा, वही भविष्य की वैश्विक राजनीति तय करेगा।
दूसरा नाम: क्यूबा
क्यूबा अमेरिका की आंखों की पुरानी किरकिरी।ट्रंप की नीति साफ रही है— कम्युनिस्ट सरकारों के लिए कोई नरमी नहीं।
- क्यूबा पर सख्त प्रतिबंध
- कूटनीतिक दबाव
- मानवाधिकार का मुद्दा
ट्रंप के बयान संकेत देते हैं कि अगर अमेरिका विरोधी रुख जारी रहा,तो क्यूबा फिर से वॉशिंगटन की सख्त कार्रवाई की लिस्ट में ऊपर आ सकता है।
तीसरा नाम: कोलंबिया
पहली नजर में कोलंबिया अमेरिका का सहयोगी देश माना जाता है, लेकिन ट्रंप की राजनीति
यहां भी सवाल खड़े करती है।ड्रग्स, माइग्रेशन और सीमा सुरक्षा ये वो मुद्दे हैं जिन पर ट्रंप कभी समझौता नहीं करते।विशेषज्ञों का कहना है—अगर कोलंबिया ने अमेरिका की शर्तों पर सख्ती नहीं दिखाई, तो दबाव की राजनीति यहां भी तेज हो सकती है।
🗣️ ट्रंप की रणनीति क्या है?
ट्रंप का फॉर्मूला पुराना है, लेकिन असरदार—
“या अमेरिका के साथ खड़े हो,
या फिर कीमत चुकाने को तैयार रहो“
- आर्थिक प्रतिबंध
- कूटनीतिक दबाव
- सार्वजनिक धमकियां
यही ट्रंप की विदेश नीति की पहचान रही है।
दुनिया क्यों है चिंतित?
क्योंकि इस तरह की राजनीति सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहती।विश्लेषकों का मानना है अगर अमेरिका एक के बाद एक देशों पर दबाव बनाता है, तो वैश्विक स्थिरता को झटका लग सकता है.और यही वजह है ट्रंप के हर बयान को अब दुनिया सिर्फ बयान नहीं,
संकेत मान रही है।
सबसे बड़ा सवाल ?
तो सवाल वही है क्या वेनेजुएला के बाद अमेरिका सच में ग्रीनलैंड, क्यूबा या कोलंबिया की ओर बढ़ेगा? या ये सिर्फ ट्रंप की
चुनावी और दबाव बनाने की राजनीति है? जवाब आने वाले वक्त में मिलेगा, लेकिन इतना तय है ट्रंप ने एक बार फिर
दुनिया को अलर्ट मोड पर डाल दिया है।
