US President मरा या छुपा है? Head of State का सच
एक प्लेन, एक ब्लास्ट, और गायब हो गया अमेरिका का राष्ट्रपति क्या वो मारा गया? या फिर सब कुछ एक साज़िश थी?Netflix की नई थ्रिलर सीरीज़ Head of State ने आते ही तहलका मचा दिया है।और आज हम आपको बताएंगे वो 5 कारण, जिनकी वजह से ये सीरीज़ आपको बिल्कुल भी मिस नहीं करनी चाहिए।
फिल्म का कहानी और प्लेन पर हमला
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘हेट्स ऑफ स्टेट’ एक एक्शन कॉमेडी फिल्म है। इस फिल्म की कहानी की शुरुआत लंदन में होती है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति विल डेरिंगर (जॉन सीना), जो फिल्म में पहले एक एक्शन स्टार होते हैं और ब्रिटिश पीएम सैम क्लार्क (इदरीस एल्बा) के बीच नोंकझोंक वाली मुलाकात होती है। दोनों नेताओ के बीच पब्लिकली हुई तकरार उनके देशों के गठबंधन को खतरे में डाल देती है।
प्लेन क्रैश की सिचुएशन को संभालने के लिए दोनों को एक साथ एयर फोर्स वन में वारसॉ और फिर ट्राएस्टे में होने वाले नाटो समिट के लिए जर्नी करने का सजेशन दिया जाता है। इस दौरान रास्ते में रू रूसी हथियार डीलर विक्टर ग्रैडोव (पैडी कॉन्सिडाइन) के नेतृत्व में एक आतंकी हमला प्लेन को निशाना बनाता है। इसके बाद प्लेन बेलारूस के ऊपर क्रैश हो जाता है। सवाल यह है कि क्या अमेरिका राष्ट्रपति इस हामले के बाद जिंदा बच पाए? हां, बाद में विल डेरिंगर और सैम क्लार्क दोनोंं ही पैराशूट की मदद से क्रैश से बच जाते हैं, लेकिन वे बेलारूस में फंस जाते हैं, जहां उनकी जान को खतरा बना रहता है।
‘हेट्स ऑफ स्टेट’ देखने के 5 कारण
- दमदार तिकड़ी की केमिस्ट्री: जॉन सीना और इदरीस एल्बा की ऑन स्क्रीन तकरार और मजेदार ब्रोमांस फिल्म में दर्शकों का दिल जीत रहा है। उनकी मजेदार बहस और एक दूसरे के साथ तालमेल दर्शकों को हंसाने और दर्शकों को स्क्रीन पर जोड़े रखने में कामयाब है।
2: प्रियंका चोपड़ा का एक्शन अवतार: प्रियंका का नोएल बिसेट किरदार फिल्म की जान है। उनकी स्टाइलिश फाइट सीन्स और स्मार्ट परफॉर्मेंस इसे एक धांसू एक्शन का अनुभव बनाते हैं।
- 90 के दशक की नॉस्टैल्जिया: फिल्म 90 के दशक की बडी-एक्शन कॉमेडी जैसे ‘एयर फोर्स वन’ और ‘रश ऑवर’ की याद दिलाती है, जिसमें हल्के-फुल्के मस्ती और बड़े पैमाने के एक्शन सीन्स को दिखाया गया है।
- फिल्म की तेज रफ्तार और धमाकेदार एक्शन: डायरेक्टर इल्या नैशुलर की खासियत है कि वे हर एक्शन सीक्वेंस को रोमांचक बनाते हैं, जैसे कार चेज, शूटआउट और ट्रेन की लड़ाई। यह फिल्म दर्शकों को स्क्रीन से बांधे रखती है।
- हल्का-फुल्का एंटरटेनमेंट: यह फिल्म दिमाग को ज्यादा कसरत देने की बजाय पॉपकॉर्न एंटरटेनमेंट का मजा देती है। यह उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो बिना ज्यादा सोचे एक मजेदार राइड का आनंद लेना चाहते हैं।
