जब Badshah ने गुरुजी से पूछा – “शांति कहां मिलेगी?
जी हां, मशहूर रैपर और सिंगर Badshah हाल ही में पहुंचे प्रेमानंद महाराज के दरबार में। जहां उन्होंने सिर्फ आशीर्वाद ही नहीं लिया, बल्कि एक ऐसा सवाल भी पूछा जिसने वहां मौजूद सभी भक्तों को सोचने पर मजबूर कर दिया।आइए जानते हैं क्या हुआ इस खास मुलाकात में।बादशाह इस समय भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की नगरी वृंदावन में गए हुए हैं। यहां बादशाह वृंदावन में होने वाले प्रेमानंद महाराज के सत्संग दरबार में भी पहुंचे। यहां बादशाह महाराज की गद्दी के नीचे बैठकर ज्ञान प्राप्त करते हुए दिखाई दिए। वहीं, वृंदावन से उनकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। चलिए आपको बताते हैं कि बादशाह ने प्रेमानंद महाराज से कौन-सा सवाल पूछा है…

महाराज के सत्संग में बैठे बादशाह
वृंदावन से सामने आई तस्वीरों में बादशाह शांति के साथ प्रेमानंद महाराज के सत्संग में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर में बादशाह अपने बड़े भाई के साथ बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में जहां बादशाह शांति से बैठे हुए हैं, वहीं उनके भाई उनकी जगह पर महाराज से सवाल पूछ रहे हैं। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बादशाह के भाई प्रेमानंद महाराज से जीवन और रिश्तों से जुड़ा एक इमोशनल सवाल पूछते हैं।
गुरु से पूछा ये सवाल
बादशाह के भाई ने गुरु से सवाल पूछा कि इस दुनिया में, बहुत से लोग सच सुनना चाहते हैं, लेकिन जब सच बोला जाता है तो रिश्ते टूट जाते हैं और प्यार खत्म हो जाता है। ये सब जानते हुए भी सच बोलने का मन करता है। लेकिन जैसे ही हम सच बोलते हैं, हर कोई पीछे हट जाता है। कई बार तो ऐसा लगता है कि सच बोलने पर किसी ने श्राप दे दिया है, जिसे बोलने के बाद व्यक्ति खुद को बर्बाद महसूस करता है और खुद ही काम नहीं कर पाता है। तो सवाल यहीं है कि ऐसा क्यों होता है?
यह सवाल सुनने के बाद प्रेमानंद महाराज हंसने लगे और जवाब देते हुए कहा कि सत्य भगवान है। उसका साथ केवल भगवान देते हैं। ये पूरा संसार असत्य में लगा हुआ है। इसलिए अगर सत्य में चलोगे तो तुम्हारा पक्ष कोई लेने वाला नहीं होगा। लेकिन वो (भगवान) पक्ष लेगा जिसके पक्ष लेने से सभी पक्षपाती बन जाएंगे।तो दोस्तों, जिस इंसान के गानों में धमाल और धुन होती है, उसने भी शांति को खोजने के लिए आध्यात्म का रास्ता चुना।
ये साफ है कि चाहे कोई कलाकार हो, आम इंसान हो या सेलेब्रिटी — जब मन बेचैन हो, तो जवाब सिर्फ भीतर की यात्रा में मिलता है।क्या आप भी कभी गुरुजी के दरबार गए हैं?नीचे कमेंट कर के जरूर बताइए।
