“Summer Nails Alert! ये गलतियां कभी मत करना”
- नमी से बचाव न करना
गर्मियों में तापमान और उमस बढ़ने की वजह से हाथों में पसीना आना आम बात है. यही नमी अगर नेल एक्सटेंशन और आपके नेचुरल नाखूनों के बीच जमा हो जाए, तो फंगल इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. इससे नाखूनों में बदबू, पीलापन और यहां तक कि दर्द भी हो सकता है. इसलिए एक्सटेंशन के बाद अपने हाथों को बार-बार सुखाएं, गीले हाथों से काम करने से बचें और एंटी-फंगल हैंड क्रीम का इस्तेमाल करें. - सस्ते सैलून और लोकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल
अक्सर लोग कम दाम में एक्सटेंशन करवाने के चक्कर में ऐसे सैलून चुन लेते हैं जहां न तो सफाई का ध्यान रखा जाता है और न ही प्रोडक्ट्स की क्वालिटी की जांच होती है. लोकल ग्लू या जेल का इस्तेमाल स्किन एलर्जी, जलन और यहां तक कि त्वचा के नुकसान का कारण बन सकता है. हमेशा ऐसे सैलून जाएं जहां प्रोफेशनल्स हों और हाइजीन का ध्यान रखा जाए. - रीफिल करवाने में देर करना
नेल एक्सटेंशन की उम्र सीमित होती है और उन्हें समय-समय पर मेंटेन करना जरूरी होता है. अगर आप रीफिल करवाने में देरी करती हैं, तो नेल एक्सटेंशन ढीले होकर टूट सकते हैं, जिससे आपके असली नाखून भी खराब हो सकते हैं. इसके अलावा, ढीले एक्सटेंशन के नीचे गंदगी और नमी जमा हो सकती है, जो इंफेक्शन को जन्म देती है. इसलिए हर 23 हफ्ते में रीफिल जरूर करवाएं. - बिना ग्लव्स के घर का काम करना
घर के काम जैसे बर्तन धोना, कपड़े साफ करना या सफाई करते समय आपके हाथ के नाखून लगातार केमिकल्स और पानी के संपर्क में आते हैं. इससे नेल एक्सटेंशन की पकड़ कमजोर हो सकती है, और उनका रंग भी फीका पड़ सकता है. इसलिए इन कामों के दौरान हमेशा रबर या सिलिकॉन ग्लव्स पहनें ताकि एक्सटेंशन लंबे समय तक टिकें और सुरक्षित रहें. - बार-बार नेल एक्सटेंशन करवाना
अगर आप लगातार नेल एक्सटेंशन करवाती हैं और बिना ब्रेक लिए एक के बाद एक सेट लगवाती रहती हैं, तो इससे आपके नेचुरल नाखून कमजोर हो सकते हैं. नाखूनों की ग्रोथ धीमी हो जाती है, उनका टेक्सचर बदल सकता है और कभी-कभी वे पूरी तरह टूट भी सकते हैं. हर 23 महीने में एक्सटेंशन से ब्रेक लें ताकि नाखून खुद को रिपेयर कर सकें.
