“बार-बार छींक आना बीमारी का संकेत है? एक्सपर्ट ने बताया सच”
क्या आप भी बार-बार छींकने की समस्या से परेशान हैं? क्या आपने सोचा है कि सिर्फ एलर्जी ही नहीं, बल्कि इसके और भी कारण हो सकते हैं? इस वीडियो में हम जानेंगे कि बार-बार छींक आने के पीछे कौन-कौन से कारण हो सकते हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है।सबसे पहला और सामान्य कारण है एलर्जिक राइनाइटिस। यह धूल, पराग, पालतू जानवरों के बाल, या फफूंद के कारण हो सकता है। इसके लक्षणों में नाक बहना, आंखों में खुजली, और छींक आना शामिल हैं।
दिल्ली एमसीडी में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ अजय कुमार बताते हैं कि जब हमारी इम्यूनिटी कमजोर होती है, तो शरीर बाहरी संक्रमण से अच्छी तरह लड़ नहीं पाता. ऐसे में वायरस और बैक्टीरिया आसानी से नाक और गले को शिकार बना लेते हैं, जिससे बार-बार छींक आने लगती है. इनके अलावा इसके कई दूसरे कारण भी हैं.
इन वजहों से भी बार-बार आती है छींक
एलर्जिक राइनाइटिस- धूल, पालतू जानवरों के बाल या फफूंदी जैसी चीजों से एलर्जी होना.
मौसम में बदलाव- ठंडी हवा या ज्यादा गर्मी के कारण नाक की संवेदनशीलता बढ़ जाना.
वायरल इंफेक्शन- जैसे सर्दी-जुकाम जिसमें नाक बहना और छींक आना आम लक्षण होते हैं.
कमजोर इम्यूनिटी- जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है तो संक्रमण जल्दी होता है.
नाक की सफाई की कमी- नाक में जमा गंदगी या धूल कण भी बार-बार छींक का कारण बन सकते हैं.
अगर आपको छींक के साथ-साथ कुछ और लक्षण भी दिखें तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. जैसे लगातार 10-15 दिन से ज्यादा छींक आ रही हो, लगातार नाक बह रही हो, आंखों में जलन या सिरदर्द बना हो, बुखार या थकावट महसूस हो रही हो, किसी खास चीज के संपर्क में आते ही छींक बढ़ जाए, तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है.
बार-बार छींक आने के घरेलू उपाय
भाप लें- गर्म पानी में विक्स या अजवाइन डालकर भाप लेने से नाक की सफाई होती है और राहत मिलती है.
हल्दी वाला दूध- हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो इम्युनिटी को मजबूत करते हैं.
आंवला और गिलोय- रोजाना आंवले का जूस या गिलोय का सेवन करने से इम्युनिटी बढ़ती है.
शुद्ध हवा में रहें- धूल-धुएं से दूर रहें और रोज सुबह-शाम ताजगी भरी हवा में टहलें.
नाक धोएं- नमक मिले गुनगुने पानी से नाक की सफाई करने पर एलर्जन बाहर निकल जाते हैं.
अदरक और शहद- अदरक का रस और शहद मिलाकर सेवन करने से एलर्जी कम होती है.
