भारत–रूस गठबंधन से चिढ़े ट्रंप, बोला फिर लगाऊंगा टैरिफ!
भारत–रूस की दोस्ती से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाखुश नज़र आ रहे हैं।
उन्होंने एक बार फिर टैरिफ लगाने की धमकी दे डाली..ट्रंप का कहना है कि अगर भारत रूस के साथ रिश्ते और मजबूत करता है
तो अमेरिका भारत से आने वाले सामान पर एक और बड़ा टैरिफ लगा सकता है।दरअसल भारत–रूस के बीच रणनीतिक, सैन्य और ऊर्जा साझेदारी बहुत मजबूत है।ट्रंप को लगता है कि भारत इस दोस्ती में अमेरिका पर निर्भरता कम कर रहा है।

अमेरिकी कृषि प्रतिनिधियों से ट्रंप की मुलाकात :
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत को अमेरिकी बाजार में चावल डंप करना (सस्ते दामों पर बेचना) नहीं चाहिए और वह इस मामले से निपट लेंगे. ट्रंप ने चेतावनी दी कि शुल्क (टैरिफ) लगाकर इस समस्या का आसानी से हल निकल जाएगा. ट्रंप ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस में खेती और कृषि क्षेत्र के प्रतिनिधियों तथा अपने कैबिनेट के प्रमुख सदस्यों खासकर वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और कृषि मंत्री ब्रूक रोलिन्स के साथ एक गोलमेज बैठक की. उन्होंने किसानों के लिए 12 अरब डॉलर की संघीय सहायता की घोषणा की.

भारत अमेरिका में चावल कर रहा डंप –
लुइसियाना में अपने परिवार के कृषि कारोबार केनेडी राइस मिल का संचालन करने वाली मेरिल केनेडी ने ट्रंप से कहा कि देश के दक्षिणी हिस्से में चावल उत्पादक वास्तव में संघर्ष कर रहे हैं और अन्य देश अमेरिकी बाजार में चावल डंप कर रहे हैं यानी कि बेहद सस्ते दामों पर चावल बेच रहे हैं. जब ट्रंप ने पूछा कि कौन से देश अमेरिका में चावल सस्ते दामों पर बेच रहे हैं तो राष्ट्रपति के बगल में बैठीं केनेडी ने जवाब दिया, भारत और थाईलैंड; यहां तक कि चीन भी प्यूर्टो रिको में चावल सस्ते दामों पर बेच रहा है. प्यूर्टो रिको कभी अमेरिकी चावल का सबसे बड़ा बाजार हुआ करता था. हमने कई वर्षों से प्यूर्टो रिको में चावल नहीं भेजे हैं. केनेडी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क काम कर रहे हैं, लेकिन हमें इसे और बढ़ाने की जरूरत है.
ट्रंप ने दी भारत के चावल पर टैरिफ की धमकी
ट्रंप ने फिर बेसेंट की ओर देखते हुए कहा कि भारत, मुझे भारत के बारे में बताइए. भारत को ऐसा करने की अनुमति क्यों है? उन्हें शुल्क देना होगा. क्या उन्हें चावल पर छूट मिली हुई है? इस पर बेसेंट ने कहा कि नहीं सर, हम अभी उनके साथ व्यापार सौदे पर बातचीत कर रहे हैं. केनेडी ने ट्रंप को यह भी बताया कि भारत के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में एक मामला चल रहा है. ट्रंप ने कहा कि इसे बहुत आसानी से निपटाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह उन देशों पर शुल्क लगाकर बहुत जल्दी हल हो जाएगा, जो अवैध रूप से सामान भेज रहे हैं. आपकी समस्या एक दिन में हल हो जाएगी इसलिए हमें उच्चतम न्यायालय में मुकदमा जीतना है.इंडियन राइस एक्सपोर्ट्स फेडरेशन के आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है और ग्लोबल मार्केट में 28 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है. वह टॉप एक्सपोर्टर भी है, जिसकी 2024-25 में ग्लोबल एक्सपोर्ट में 30.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी है. भारत चावल की जो किस्में वैश्विक स्तर पर निर्यात करता है, उनमें सोना मसूरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में पसंद की जाती है. ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है, जो दुनिया में सबसे अधिक है. इसमें रूस से तेल खरीद पर 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल है लेकिन सवाल ये है क्या धमकी देने से भारत–रूस का रिश्ता बदल जाएगा?
या फिर दोनों देश मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे? आपकी क्या राय है? क्या ट्रंप का बयान सिर्फ राजनीतिक दबाव है
या आगे किसी बड़े विवाद की शुरुआत?
