क्या भारत-रूस संबंधों में आएगा बड़ा मोड़?
भारत और रूस के रिश्तों में एक नया मोड़ आने वाला है। पूरे 4 साल बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं। माना जा रहा है कि यह दौरा रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण होगा।
1️⃣ S-400 डील का अगला चरण
सबसे बड़ी चर्चा S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को लेकर है। भारत को S-400 की अगली खेप मिलनी है और इस दौरे में दोनों देशों के बीच इसकी प्रगति पर बातचीत हो सकती है। भारत की एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत करने में S-400 अहम भूमिका निभा रहा है।
2️⃣ ब्रह्मोस और नई रक्षा साझेदारी
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मोस मिसाइल के नए वेरिएंट, ज्वाइंट प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी शेयरिंग पर भी बातचीत हो सकती है। भारत और रूस लंबे समय से डिफेंस पार्टनर हैं, और पुतिन का दौरा इस रिश्ते को और मजबूत कर सकता है।
3️⃣ ऊर्जा सेक्टर में बड़ी डील्स
रूस से कच्चे तेल का आयात पिछले बढ़ा है। इस मीटिंग में ऊर्जा सहयोग, लॉन्ग-टर्म ऑयल कॉन्ट्रैक्ट और गैस प्रोजेक्ट्स पर भी महत्वपूर्ण समझौते हो सकते हैं।

4️⃣ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा
यूक्रेन संकट, बदलता भू-राजनीतिक माहौल और वैश्विक मंचों पर भारत-रूस की साझेदारी… इन सभी मुद्दों पर भी दोनों नेताओं की बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है।
5️⃣ चंद्रयान सहयोग और स्पेस मिशन
इस दौरे में स्पेस सेक्टर भी चर्चा में रहेगा। गगनयान मिशन में रूस पहले से ही भारत का तकनीकी सहयोगी है। बताया जा रहा है कि दोनों देश स्पेस टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग पर नए एग्रीमेंट कर सकते हैं।
6️⃣ व्यापार और रूसी मुद्रा में लेन-देन
रुपया-रूबल ट्रेड मैकेनिज़्म पर भी फैसले लिए जा सकते हैं ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार और आसान हो सके।
कुल मिलाकर, पुतिन का दौरा भारत-रूस संबंधों में नई ऊर्जा भर सकता है। रक्षा से लेकर ऊर्जा और स्पेस तक—कई बड़े ऐलान होने की उम्मीद है। अब सबकी निगाहें इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग पर टिकी हैं।
