₹62,000 करोड़ में 97 तेजस Mk‑1A जेट्स का ऑर्डर
भारत सरकार ने भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए 97 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस मार्क 1A फाइटर जेट्स की खरीद को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹62,000 करोड़ है, और यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को लिया गया, जिसके बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को इस बड़े ऑर्डर की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट से न केवल भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।
प्रोजेक्ट का विवरण
- LCA तेजस मार्क 1A की विशेषताएं: LCA तेजस मार्क 1A एक स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान है, जो उन्नत तकनीकों से लैस है। इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, और मिड-एयर रिफ्यूलिंग की सुविधा शामिल है। इस विमान में 65% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो भारत के आत्मनिर्भर भारत अभियान को रेखांकित करता है।
- उद्देश्य और महत्व: इन 97 फाइटर जेट्स का मुख्य उद्देश्य भारतीय वायुसेना के पुराने और अप्रचलित हो चुके मिग-21 विमानों को बदलना है। मिग-21 लंबे समय से IAF के बेड़े का हिस्सा रहे हैं, लेकिन उनकी तकनीक अब पुरानी हो चुकी है। LCA मार्क 1A के शामिल होने से वायुसेना की युद्धक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह प्रोजेक्ट भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के साथ-साथ स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहित करेगा।
- आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव: ₹62,000 करोड़ का यह प्रोजेक्ट भारत के रक्षा क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े स्वदेशी ऑर्डरों में से एक है। इससे HAL और अन्य स्वदेशी रक्षा उपकरण निर्माताओं को बड़ा लाभ होगा। इस खबर के बाद HAL के शेयरों में 3% से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जो निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है। साथ ही, इस प्रोजेक्ट से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
HAL और ऑर्डर की स्थिति
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को इस प्रोजेक्ट के तहत 97 LCA मार्क 1A जेट्स का निर्माण करने का ऑर्डर मिलने की संभावना है। इससे पहले, HAL को 83 LCA मार्क 1A जेट्स के लिए ऑर्डर मिल चुका है, जिसका काम पहले से चल रहा है। इस नए ऑर्डर से HAL की उत्पादन क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता को और बल मिलेगा। कंपनी ने पहले ही तेजस विमानों के उत्पादन के लिए अपनी सुविधाओं को अपग्रेड किया है, और यह ऑर्डर उसकी स्थिति को और मजबूत करेगा।

रक्षा मंत्रालय की भूमिका
यह मंजूरी रक्षा मंत्रालय की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा दी गई है, जो रक्षा खरीद से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेती है। DAC ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देकर ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह प्रोजेक्ट न केवल रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर रक्षा उपकरणों के निर्यातक के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा।
भविष्य की संभावनाएं
LCA तेजस मार्क 1A के इस ऑर्डर से भारतीय वायुसेना के बेड़े में स्वदेशी विमानों की संख्या बढ़कर 180 हो जाएगी, जिसमें पहले के 83 जेट्स और नए 97 जेट्स शामिल हैं। यह भारत की रक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, जहां विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, HAL और अन्य स्वदेशी निर्माताओं के लिए यह एक अवसर है कि वे अपनी तकनीकी क्षमताओं को और विकसित करें।
निष्कर्ष
97 LCA तेजस मार्क 1A फाइटर जेट्स की खरीद के लिए ₹62,000 करोड़ के इस प्रोजेक्ट की मंजूरी भारत के रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल भारतीय वायुसेना को मजबूत करेगा, बल्कि स्वदेशी रक्षा उद्योग को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। HAL को मिलने वाला यह ऑर्डर ‘मेक इन इंडिया’ के तहत आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिक जानकारी के लिए रक्षा मंत्रालय या HAL की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध स्रोतों को देखा जा सकता है।
