टैरिफ संकट पर मोदी की हुंकार
किसानों के हितों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा और साफ़ सन्देश।टैरिफ संकट के बीच पीएम मोदी ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने देशभर में बहस छेड़ दी है।टैरिफ को लेकर चल रही बहस के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने साफ शब्दों में कहा –”किसानों के हितों के लिए मैं कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हूँ।”प्रधानमंत्री ने यह बात उस समय कही जब देश में कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।कई क्षेत्रों में विदेशी सामानों के बढ़ते आयात से घरेलू किसानों को नुकसान हो रहा है।पीएम मोदी का ये बयान साफ संकेत है कि सरकार टैरिफ को लेकर कड़ा रुख अपनाने को तैयार है।
विशेष रूप से चीनी, गेहूं, और दूध जैसे उत्पादों पर सस्ते विदेशी विकल्पों की बाढ़ से भारतीय किसान लगातार संघर्ष कर रहे हैं।इस बयान से ये भी संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में सरकार टैरिफ बढ़ाने या विदेशों से आयात पर कुछ प्रतिबंध लगाने की योजना बना सकती है।

प्रधानमंत्री के इस बयान पर विपक्ष की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है।
कुछ दलों ने इसे चुनावी स्टंट बताया, तो कुछ ने कहा कि किसानों के लिए केवल बयान नहीं, ठोस नीति चाहिए।
अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान के बाद केंद्र सरकार किस तरह के कदम उठाती है।
क्या वाकई किसानों को राहत मिलेगी या ये सिर्फ एक और राजनैतिक वादा बनकर रह जाएगा?
जो भी हो, किसानों के हक की यह लड़ाई अब राजनीतिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर लड़ी जा रही है।
