राम रहीम समेत चार आरोपियों की सजा के खिलाफ अपील पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; 2019 में मिली थी उम्रकैद…
चंडीगढ़: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में राम रहीम और तीन अन्य आरोपियों को बरी (Acquitted) कर दिया है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने जनवरी 2019 में राम रहीम को इस मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे अब हाई कोर्ट ने पलट दिया है।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2002 का है, जब सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छत्रपति अपने अखबार ‘पूरा सच’ में डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी खबरों और वहां हो रहे शोषण को प्रमुखता से छाप रहे थे। आरोप था कि राम रहीम के इशारे पर ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
हाई कोर्ट का फैसला और कानूनी पहलू
पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत के फैसले के खिलाफ राम रहीम और अन्य दोषियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। आज हुई सुनवाई में:
- सबूतों का अभाव: हाई कोर्ट ने मामले के तथ्यों और गवाहों की समीक्षा करने के बाद पाया कि राम रहीम के खिलाफ पर्याप्त पुख्ता सबूत नहीं हैं।
- निचली अदालत का फैसला पलटा: कोर्ट ने सीबीआई अदालत द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा को रद्द करते हुए सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
अन्य मामलों में स्थिति
राम रहीम फिलहाल साध्वी यौन शोषण मामले और रणजीत सिंह हत्याकांड (जिसमें हाल ही में राहत मिली थी) के चलते जेल में है। छत्रपति हत्याकांड में बरी होने के बावजूद, वह अन्य मामलों में सजा काट रहा है।
नोट: इस फैसले के बाद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के परिवार और उनके समर्थकों में निराशा देखी जा रही है, और संभावना जताई जा रही है कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।
