क्या पाकिस्तान में नया राजनीतिक भूचाल?
पाकिस्तान की राजनीति इन दिनों गहरे सस्पेंस और अनिश्चितता से घिरी हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर लगातार ऐसे संकेत सामने आ रहे हैं, जिनसे अनहोनी की आशंका और भी गहरी होती जा रही है। जनता से लेकर विशेषज्ञों तक—हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है: इमरान खान के साथ आखिर क्या होने वाला है?
यहां जानिए वो 5 बड़ी वजहें, जो इस सस्पेंस को और खतरनाक बना रही हैं—
1. जेल में बढ़ती पाबंदियां और सीमित मुलाकातें
इमरान खान तक न तो परिवार आसानी से पहुंच पा रहा है और न ही उनकी कानूनी टीम।
मुलाकातों पर लगातार लग रही रोक इस बात का संकेत है कि हालात आम नहीं हैं।
यह सब कुछ किसी बड़े कदम की तैयारी जैसा महसूस हो रहा है।

2. स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंताएं
जेल से बार-बार खबरें आती रही हैं कि इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
लेकिन सरकार की तरफ से पारदर्शी जानकारी का अभाव शक को और गहरा कर देता है।
अगर स्थिति सामान्य होती… तो इतना दमन क्यों?
3. गुप्त ट्रायल और बंद दरवाजों के पीछे फैसले
इमरान खान पर कई मामलों की सुनवाई सीक्रेट ट्रायल के रूप में की जा रही है।
लोकतंत्र में जनता के जननेता के खिलाफ ऐसे गुप्त फैसले होना ही बड़ा संकेत है कि कहीं न कहीं कुछ बड़ा दांव पर है।
4. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का अचानक शांत हो जाना
पहले इमरान खान की गिरफ्तारी पर दुनिया में काफी शोर था।
लेकिन अब अमेरिकी, यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी खुद एक बड़ा सवाल है।
क्या पाकिस्तान के भीतर कोई ऐसा दबाव है जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय आवाजें धीमी हो गई हैं?
5. सरकार और सेना की टोन में अचानक बदलाव
सरकार और शक्तिशाली संस्थाओं ने इमरान खान के मुद्दे पर अचानक बेहद सख्त रुख अपनाया है।
बयान कम… और ऐक्शन ज्यादा।
ऐसा तब ही होता है जब कोई निर्णायक कदम उठाने की तैयारी हो।
इमरान खान को लेकर बढ़ता सस्पेंस केवल पाकिस्तान का राजनीतिक संकट नहीं, बल्कि वहां की लोकतंत्रिक व्यवस्था की गहरी विफलता का संकेत भी है जनता परेशान है, पार्टी समर्थक बेचैन हैं और खुद पाकिस्तान राजनीतिक अनिश्चितता के भंवर में फंस गया है।आने वाले कुछ दिनों में क्या होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है—लेकिन इतना तय है कि हालात सामान्य बिल्कुल नहीं हैं।
