मोदी से भिड़े राहुल, AAP ने गठबंधन से मुंह मोड़ा; विपक्ष की एकता पर संकट
नई दिल्ली
संसद के भीतर जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोल रहे थे, उसी वक्त विपक्षी गठबंधन INDIA की एकता पर सवाल उठने लगे। मामला गर्माया जब आम आदमी पार्टी (AAP) ने गठबंधन की अहम बैठक से खुद को अलग कर लिया और प्रधानमंत्री को एक अलग चिट्ठी भेजकर अपनी मांगें सामने रख दीं।
इस चिट्ठी में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के साथ जल्दबाज़ी में हुए संघर्षविराम पर सवाल उठाते हुए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की।
गठबंधन की रणनीति में AAP का असहमति भरा रुख
INDIA गठबंधन की सोमवार को हुई बैठक में कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, शिवसेना (उद्धव) सहित प्रमुख दलों ने मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर साझा रणनीति बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन AAP इस बैठक में शामिल नहीं हुई।
पार्टी ने संसद के विशेष सत्र की मांग करते हुए कहा कि यह विषय सिर्फ राजनीतिक नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, जिस पर देश के सामने पारदर्शिता जरूरी है।
राहुल गांधी का सवाल, लेकिन समर्थन से दूर रही AAP
लोकसभा में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि अगर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इतना सफल रहा, तो सीजफायर की जल्दी क्यों की गई? उन्होंने इसे सरकार की रणनीतिक अस्थिरता करार दिया।
हालांकि AAP ने इस बयान से खुद को अलग रखते हुए तटस्थ और तथ्यों पर आधारित रुख अपनाया और राजनीतिक बहस से दूरी बनाए रखी।
गठबंधन में बढ़ती दूरी या अलग रणनीति?
AAP की इस रणनीति ने INDIA गठबंधन की आंतरिक चुनौतियों को उजागर कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी मानती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि ऐसे विषयों पर खुली और संसदीय चर्चा होनी चाहिए।
