ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई को बताया निर्णायक कदम
भुज
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गुजरात स्थित भुज वायु सेना स्टेशन का दौरा किया। यह वही एयरबेस है जिसे बीते सप्ताह पाकिस्तान की ओर से निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। हालांकि भारतीय सशस्त्र बलों की मुस्तैदी ने दुश्मन के मंसूबों को नाकाम कर दिया।
राजनाथ सिंह की यह यात्रा जम्मू-कश्मीर और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के एक दिन बाद हुई। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी थी कि वह नई दिल्ली से भुज रवाना हो रहे हैं और वहां वायु सेना के बहादुर जवानों से मुलाकात को लेकर उत्साहित हैं।
जम्मू-कश्मीर में भी दिखा दमखम
15 मई को रक्षा मंत्री ने श्रीनगर के बडामी बाग कैंटोनमेंट का दौरा किया और वहां तैनात जवानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति को नए सिरे से परिभाषित किया गया है। अब कोई भी हमला भारत की जमीन पर युद्ध की श्रेणी में माना जाएगा।
राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत की सबसे बड़ी आतंकवाद विरोधी कार्रवाई करार दिया और कहा, “यह केवल बचाव नहीं था, बल्कि साहसी और निर्णायक जवाब था। आतंकियों ने हमारे लोगों को धर्म देखकर निशाना बनाया, हमने उन्हें उनके कर्मों का जवाब दिया। यही हमारा धर्म था।”
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कदम 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में उठाया गया था। इसके बाद 8 से 10 मई तक पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिनका भारतीय सेना ने प्रभावी तरीके से जवाब दिया।
जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा। इनमें एयर बेस, रडार साइट्स और कमांड सेंटर शामिल हैं।
