AIM-120 मिसाइल पर US का बड़ा फैसला – पाकिस्तान को नहीं मिलेगी मदद!
आज हम बात करने वाले हैं पाकिस्तान को अमेरिका से मिले ताज़े झटके की — जी हां, AIM-120 मिसाइल डील को लेकर जो दावे किए जा रहे थे, अब अमेरिका ने खुद उन्हें खारिज कर दिया है.हाल ही में खबरें आई थीं कि अमेरिका पाकिस्तान को AIM-120 एडवांस्ड मीडियम रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) देने जा रहा है।
ये वही मिसाइल है जो पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों के लिए उपयोग की जाती है — और बालाकोट हमले के बाद भी इसका ज़िक्र खूब हुआ था।लेकिन अब यूएस ने साफ-साफ कहा है — ऐसा कोई सौदा नहीं हुआ है.
अमेरिकी दूतावास की तरफ से बयान जारी हुआ है कि पाकिस्तान को कोई नई मिसाइल नहीं दी जा रही, न ही उसकी सैन्य क्षमता में किसी तरह का अपग्रेड किया जा रहा है।मतलब साफ है — जो खबरें वायरल हो रही थीं, वो सिर्फ अफवाह थीं.
कोई मिसाइल नहीं दी जा रही
अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि पाकिस्तान को कोई नई एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) नहीं दी जा रही है. यह अनुबंध सिर्फ पहले से मौजूद मिसाइल सिस्टम्स की देखभाल और मरम्मत के लिए है, पाकिस्तान की सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए नहीं है.
पिछले कुछ दिनों में विभिन्न मीडिया आउटलेट्स और क्षेत्रीय प्रकाशनों ने यह रिपोर्ट किया था कि पाकिस्तान को अमेरिका से AIM-120 AMRAAM मिसाइलें मिलने वाली हैं. जिससे उसके F-16 बेड़े की क्षमताओं में इजाफा होगा. क्षेत्रीय हवाई संतुलन पर असर पड़ सकता है. इन रिपोर्टों ने द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के बीच अमेरिका की ओर से पाकिस्तान की ताकत बढ़ाने पर जोर दिया था.
हालांकि, अमेरिकी रक्षा कंपनी रेथियॉन (Raytheon) के साथ किए गए मूल अनुबंध में मिसाइलों के अपग्रेड और निर्माण का उल्लेख किया गया है. अनुबंध के अनुसार, AIM-120C8 और AIM-120D3 मिसाइलें AMRAAM के लॉट 37 के तहत तैयार की जा रही हैं.
रिपोर्ट्स में क्या दावा किया जा रहा था?
पहले रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि पाकिस्तान को अमेरिका से AIM-120 मिलने की संभावना है. इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से अधिसूचित एक हथियार अनुबंध में इन मिसाइलों के 35 खरीदारों में पाकिस्तान को भी शामिल किया गया था. हालांकि, अब इन दावों का खंडन किया गया है.
