क्रिसमस की खास डिनर ट्रेडिशन क्या आप जानते हैं इसका मतलब?
क्रिसमस का मौसम अपने साथ खुशियाँ, रोशनी और स्वादिष्ट व्यंजन लेकर आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिसमस ईव पर केवल 7 मछलियाँ खाने की परंपरा क्यों है?
यह परंपरा दुनिया भर के इतालवी परिवारों में “Feast of the Seven Fishes” के नाम से जानी जाती है।
इस परंपरा की शुरुआत इतालवी-कैथोलिक समुदायों से हुई थी।क्रिसमस ईव, यानी 24 दिसंबर की रात, उपवास और संयम का प्रतीक मानी जाती है।इसी दिन मांसाहारी भोजन से बचते हुए, मछलियों और समुद्री खाने का सेवन किया जाता है।

क्यों सिर्फ 7 मछलियाँ?
सात का अंक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है।
कैथोलिक धर्म में सात दिन की सृष्टि, सात रहस्य और सात पापों का जिक्र मिलता है।

इस परंपरा में सात विभिन्न प्रकार की मछलियाँ तैयार की जाती हैं, जैसे: साल्मन, हैरिंग, ट्यूना, कोड, एंकोवीज, श्रिम्प और क्लैम्स।
- यह परंपरा इतालवी अमेरिकियों में भी बहुत प्रसिद्ध है।
- कुछ परिवारों में 9, 11 या 13 मछलियों का सेवन भी होता है।
- इसका मकसद खुशियों के साथ स्वास्थ्य और संयम का मेल दिखाना है।
तो सवाल यह है कि क्या आपने कभी क्रिसमस ईव पर “7 मछलियों का जश्न” मनाया है? यह सिर्फ स्वाद का त्योहार नहीं, बल्कि परिवार और परंपरा का उत्सव भी है।क्रिसमस ईव की रात, जब सात मछलियों का जश्न मनाया जाता है,
तो यह केवल खाने का आनंद नहीं, बल्कि आस्था, परिवार और संस्कृति का संगम भी होता है।
