कृषि सुधार की ओर बड़ा कदम, यूपी में बनेंगे अत्याधुनिक गोदाम
लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की भलाई के लिए एक नई पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में राज्य के 16 जिलों में 1000 मीट्रिक टन तक की क्षमता वाले आधुनिक गोदाम बनाए जाएंगे। इनका निर्माण 24 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) के माध्यम से किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। गोदाम बनने से किसान अपनी फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे और जब बाजार में अच्छे दाम मिलें, तभी उसे बेच सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका भी घटेगी और किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत किया जाएगा। जिन 16 जिलों में गोदाम बनाए जाएंगे, वे हैं: लखनऊ, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, बहराइच, रायबरेली, एटा, मथुरा, फर्रुखाबाद, लखीमपुर खीरी, कानपुर नगर, महाराजगंज, कुशीनगर, जालौन, पीलीभीत और झांसी।
फायदे:
- किसानों को उपज का बेहतर भंडारण विकल्प मिलेगा।
- फसल जल्दी बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी।
- उपज खराब होने से बचेगी।
- जब सही दाम मिलेगा तभी किसान बेच सकेंगे।
- कृषि उत्पादों के साथ रोजमर्रा की वस्तुओं का भी होगा बेहतर प्रबंधन।
- गांवों में जरूरी चीजों की आपूर्ति में आएगी मजबूती।
गोदामों की क्षमता 500 से 1000 मीट्रिक टन के बीच होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये गोदाम समय पर तैयार हो गए, तो इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार होगा। सरकार का दावा है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और इससे यूपी के लाखों किसानों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा।
