जनता के पैसों से घोटाला? ACB ने खोला स्कूल निर्माण घोटाले का पूरा चिट्ठा
नई दिल्ली
दिल्ली सरकार के दौरान स्कूलों में हुए निर्माण कार्य में कथित 2000 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आम आदमी पार्टी के दो बड़े नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को समन भेजा है। ACB ने सत्येंद्र जैन को 6 जून और मनीष सिसोदिया को 9 जून को तलब किया है।
यह मामला 12,748 कक्षाओं और भवनों के निर्माण से जुड़ा है, जिसमें ACB ने भारी वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है। जांच एजेंसी के अनुसार, निर्माण कार्य की लागत अनियंत्रित रूप से बढ़ाई गई और गुणवत्ता में समझौता किया गया। ठेके की परियोजनाएं आम आदमी पार्टी से जुड़े ठेकेदारों को दी गई थीं, और निर्माण कार्य तय समय में पूरा नहीं किया गया।
टॉयलेट को कक्षा दिखाकर किया फर्जी भुगतान
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि निर्माण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल की गई, जबकि भुगतान उन्नत RCC निर्माण दरों के हिसाब से वसूला गया। इतना ही नहीं, कई स्कूलों में जहां कक्षाएं नहीं बनाई गईं, वहां टॉयलेट को कक्षा बताकर उसका भुगतान जनता के पैसों से किया गया।
भाजपा का बड़ा आरोप: आंकड़ों से खेल, बच्चों की सुरक्षा से समझौता
ACB की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जिन 34 ठेकेदारों को निर्माण का कार्य सौंपा गया, उनमें से अधिकांश का संबंध आम आदमी पार्टी से था। इस पूरे मामले में छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था दोनों से खिलवाड़ किया गया।
भाजपा नेताओं ने भी इस मामले को उठाया है और आरोप लगाया है कि सरकार ने स्कूलों की संख्या बढ़ाकर दिखाने के लिए एक ही स्कूल में चार-चार शिफ्ट में कक्षाएं चलवाकर आंकड़ों में हेरफेर किया।
