बायोल्यूमिनेसेंस का कमाल! बीच पर दिखता है तारा-जैसा नज़ारा
क्या आपने कभी सोचा है कि रेत और समंदर की लहरें भी रात में जादुई रोशनी बिखेर सकती हैं? जी हाँ, भारत में कुछ ऐसे खूबसूरत बीच हैं जहाँ रात के अंधेरे में लहरें क्रिस्टल जैसी चमकती नज़र आती हैं।
दरअसल, यह नज़ारा एक प्राकृतिक घटना है, जिसे बायोल्यूमिनेसेंस कहते हैं। इसमें पानी के अंदर मौजूद सूक्ष्म जीव (plankton) अंधेरे में हल्की नीली चमक पैदा करते हैं। जब लहरें किनारे से टकराती हैं या रेत पर हलचल होती है, तो समुद्र ऐसा लगता है जैसे उस पर तारों की चादर बिछ गई हो।इस दौरान दोस्तों, परिवार या लव पार्टनर के साथ समंदर के किनारे समय बिताना, रेत में खेलना या बस लहरों को निहारना, आपके लिए लाइफटाइम यादगार एक्सपीरियंस रहेगा. हालांकि हर मौसम में आपको Bioluminescent का नजारा देखने को नहीं मिलता है. इसके लिए सितंबर से नवंबर का समय बेस्ट माना जाता है. तो चलिए जान लेते हैं ऐसे 4 बीच लोकेशन के बारे में.

Bioluminescent क्या होता है?
Bioluminescent के नजारे की बात करें तो इसके पीछे की वजह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें जीवों द्वारा रासायनिक प्रतिक्रिया के द्वारा खुद प्रकाश उत्पन्न किया जाता है. बायोल्यूमिनिसेंस को कोल्ड नाइट या फिर ठंडा प्रकाश भी कहा जाता है. समुद्र के कई जीव ऐसे हैं जो प्रकाश पैदा करते हैं, इसलिए कुछ ऐसे मौसम होते हैं जब बायोल्यूमिनिसेंस का नजारा समंदर और बीच पर देखने को मिलता है.
लक्षद्वीप के बंगाराम बीच पर यह नज़ारा देखने लायक होता है।
👉 गोवा का बेटालबतीम बीच भी अपनी नीली चमकती लहरों के लिए मशहूर है।
👉 वहीं, अंडमान-निकोबार के हैवलॉक आइलैंड पर भी पर्यटक इस जादुई दृश्य का आनंद ले सकते हैं।
यह नज़ारे न सिर्फ़ मन मोह लेते हैं बल्कि यह हमें प्रकृति की उस खूबसूरती से भी रूबरू कराते हैं, जो आमतौर पर हमारी नज़र से दूर रहती है।
अगाती या बंगारम बीच, लक्षद्वीप
लक्षद्वीप देश का एक ऐसा हिस्सा है जहां पर समंदर का नजारा लेना आपके लिए सबसे बेहतरीन एक्सपीरियंस में से एक होगा, क्योंकि यहां पर हर तरफ आपको बीच-बीच नजर आएंगे. लक्षद्वीप के अगाती बीच और बंगारम बीच पर बायोल्यूमिनिसेंस का नजारा भी एक्सपीरियंस किया जा सकता है.
