अहमदाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच निकली रथयात्रा
पुरी/अहमदाबाद: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा में करीब 2 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटने लगे।
पुरी की रथयात्रा की सबसे महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक ‘छेरा पहंरा’ रस्म भी निभाई गई। इस रस्म के तहत गजपति महाराज सोने की झाड़ू से रथों के आगे मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करते हैं। यह परंपरा इस बात का संदेश देती है कि भगवान के सामने सभी समान हैं और सेवा सबसे बड़ा धर्म है।

वहीं, गुजरात के अहमदाबाद में भी पारंपरिक जगन्नाथ रथयात्रा शांतिपूर्ण माहौल में निकाली गई। हालांकि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत रखी गई। पिछले वर्ष यात्रा के दौरान कुछ हाथियों के अनियंत्रित होने की घटना के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सावधानी बरती। इसी कारण इस बार यात्रा में शामिल हाथियों को नियंत्रित रखने के लिए विशेष सुरक्षा उपाय किए गए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, निगरानी टीमों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए।
देश के दोनों प्रमुख धार्मिक आयोजनों ने एक बार फिर आस्था, परंपरा और सुरक्षा के संतुलन की तस्वीर पेश की। एक ओर पुरी में लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब दिखाई दिया, तो दूसरी ओर अहमदाबाद में प्रशासन ने सुरक्षित और व्यवस्थित रथयात्रा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया।
